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मà¥à¤à¥‡ कैसे पता चलेगा कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठशिशॠने सही ढंग से सà¥à¤¤à¤¨ मà¥à¤‚ह में लिया है?
शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाते समय अगर आपको दरà¥à¤¦ महसूस हो, तो यह संकेत है कि आपके शिशॠने सà¥à¤¤à¤¨ को सही ढंग से मà¥à¤‚ह में नहीं लिया है। शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाते वकà¥à¤¤ शà¥à¤°à¥‚ में दूध उतरने के समय होने वाली à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¥€ और चà¥à¤à¤¨ के बाद आपको किसी पà¥à¤°à¤•ार का दरà¥à¤¦ नहीं होना चाहिà¤à¥¤
अगर आपको दरà¥à¤¦ महसूस हो रहा है तो अपने सà¥à¤¤à¤¨ और बचà¥à¤šà¥‡ के मà¥à¤‚ह के बीच में धीरे से उंगली डालकर सील तोड़ें। इसके बाद फिर से कोशिश करें। दरà¥à¤¦ के बावजूद अगर आप शिशॠको दूध पिलाती रहेंगी तो आपके निपà¥à¤ªà¤² पर जखà¥à¤® हो सकता है।
आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨ को सही ढंग से मà¥à¤‚ह में लेकर दूध पीठ(लैचिंग), इसके लिठथोड़े अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन à¤à¤• बार आपने इसकी तरकीब सीख ली तो यह अाप दोनों के लिठआसान रहेगा।
अपने शिशॠको सही ढंग से दूध पिलाने के लिठयह काम करें:
पीठपर अचà¥à¤›à¤¾ सहारा लेकर आराम से बैठें या लेट जाà¤à¤‚
अपने शिशॠको à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लाà¤à¤‚ कि उसका चेहरा आपकी तरफ हो और उसके कान, कंधे और कूलà¥à¤¹à¥‡ à¤à¤• सीध में हों
देखें कि आपके सà¥à¤¤à¤¨ को पूरी तरह मà¥à¤‚ह में लेने के लायक शिशॠका मà¥à¤‚ह खà¥à¤²à¤¾ है या नहीं
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि शिशॠकी जीà¤, निचला होठऔर ठोडी सबसे पहले आपके सà¥à¤¤à¤¨ को सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करें
à¤à¤• बार सà¥à¤¤à¤¨ मà¥à¤‚ह में ले लेने पर उसकी ठोडी आपके सà¥à¤¤à¤¨ को सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करनी चाहिà¤, जबकि नाक खà¥à¤²à¥€ रहे
इन कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ से शिशॠको बेहतर तरीके से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने में मदद मिलेगी। उसे à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ से ही काफी दूध मिल पाà¤à¤—ा। शिशॠको अपनी गोद में आरामदायक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लेटाने के लिठआप सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठविशेष तौर पर आने वाले तकिये (नरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग पिलो) का à¤à¥€ इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। इस पà¥à¤°à¤•ार अपने शिशॠको दूध पिलाने के लिठआपको नीचे नहीं à¤à¥à¤•ना पड़ेगा। कई मांओं को लगता है कि सामानà¥à¤¯ तकिये और कà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥‡ से काम करते हैं।
शिशॠको अपने सà¥à¤¤à¤¨ के पास लाते वकà¥à¤¤ उसकी कमर और गरà¥à¤¦à¤¨ को पूरा सहारा दें। जब तक आपका शिशॠसà¥à¤¤à¤¨ को मà¥à¤‚ह में लेकर दूध पीना शà¥à¤°à¥‚ नहीं कर देता, आपको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के लिठà¤à¤¸à¥€ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ चà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की जरूरत पड़ेगी, जिसमें आप उसके सिर को आसानी से सहारा दे सकें। शिशॠको अपनी गोद में या फिर या फिर बाजà¥à¤“ं के नीचे थामने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
कà¥à¤› अवसà¥à¤¥à¤¾à¤“ं जैसे जैसे अरà¥à¤§à¤²à¥‡à¤Ÿà¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने से आपका शिशॠदूध पीने के लिठसहज पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤à¥à¤¤à¤¿ और अपने सà¥à¤µà¤¤: कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं का आसानी से इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकेगा। आपको à¤à¥€ यह कारगर लगेगा। इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में आपको अधलेटी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में रहकर शिशॠको अपने पेट या कंधों पर आड़ा रखना होता है।
अगर आपका शिशॠतà¥à¤°à¤‚त दूध पीना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है तो यह अचà¥à¤›à¤¾ संकेत है कि वह अचà¥à¤›à¥‡ से दूध पी रही है। शिशॠको दूध पिलाने के दौरान उसके दूध पीने की तरीके में बदलाव à¤à¥€ आपको महसूस होना चाहिà¤à¥¤ वह कà¤à¥€ बहà¥à¤¤ कम देर मगर बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€-जलà¥à¤¦à¥€ चूसेगा। और कà¤à¥€ धीमे-धीमे और लंबे घूंट गहराई से चूसेगा। दूध पीते समय वह बीच में कà¥à¤› देर के लिठरà¥à¤• à¤à¥€ सकता है और दोबारा दूध पिलाने की कोशिश के बिना ही दूध पीना शà¥à¤°à¥‚ कर सकता है।
शिशॠअगर कà¥à¤› घूंट दूध पीते ही सो जाठतो संà¤à¤µà¤¤: उसने सही ढंग से सà¥à¤¤à¤¨ मà¥à¤‚ह में नहीं लिया हà¥à¤†à¥¤ आपको शिशॠका दूध गटकना सà¥à¤¨à¤¾à¤ˆ या दिखाई देना चाहिà¤à¥¤
यदि आप अपने दूध पीते शिशॠकी ओर नीचे देखें तो उसका सिर पीछे की तरफ à¤à¤¸à¥‡ टिका होना चाहिठकि आपको अपना सà¥à¤¤à¤¨ उसकी नाक से दूर करने के लिठदबाव न देना पड़े। अगर आपको अपने सà¥à¤¤à¤¨ का गहरे रंग वाला घेरा (à¤à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¤¾) दिखाई देता है तो यह शिशॠके ऊपरी होंठके ऊपर दिखाई देना चाहिà¤, न कि निचले होंठके नीचे।
à¤à¤• बार आपका शिशॠजब दूध पीना शà¥à¤°à¥‚ कर दे, फिर वह तब तक शांत रहना चाहिà¤, जब तक कि वह परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ दूध न पी ले। अगर वह इधर-उधर हिलता-डà¥à¤²à¤¤à¤¾ रहे तो संà¤à¤µà¤¤: उसने सà¥à¤¤à¤¨ सही तरह से मà¥à¤‚ह में नहीं लिया है।
शिशॠके जनà¥à¤® के तीन दिन बाद तक अगर आपका दूध उतरने के बाद तेजी से आता है तो आपको कà¥à¤› मिनटों के बाद शिशॠको रोकना होगा, ताकि उसे डकार दिलवा सकें या गैस निकल सके।
कई बार दूध पीने से पहले शिशॠअपना सिर इधर-उधर या ऊपर-नीचे करता रहता हैं। यह वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है। इससे उसे आपका निपà¥à¤ªà¤² ढूंढने और आपके दूध को सà¥à¤¤à¤¨ में उतरने के लिठउतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¿à¤¤ करने में मदद मिलती है।
पेट à¤à¤°à¤¨à¥‡ के बाद शिशॠया तो अपनी मरà¥à¤œà¥€ से ही सà¥à¤¤à¤¨ छोड़ देगा या फिर आप सà¥à¤¤à¤¨ को आहिसà¥à¤¤à¤¾ से ऊपर उठाà¤à¤‚गी तो वह इसे आसानी से निकलने देगा।
हालांकि, आकार अलग-अलग हो सकता है, लेकिन अगर आपका निपà¥à¤ªà¤² पूरी तरह à¤à¥€à¤‚चा हà¥à¤† या लिपसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• सिरे जैसा दिखे तो संà¤à¤µà¤¤: यह पूरी तरह आपके शिशॠके मà¥à¤‚ह में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ अंदर तक नहीं गया था।
अगर आपको लगता है कि शिशॠने सà¥à¤¤à¤¨ सही ढंग से मà¥à¤‚ह में नहीं लिया है तो मदद के लिठशिशॠको सही ढंग से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के बारे में हमारी चितà¥à¤° गाइड देखें। अगर फिर à¤à¥€ आपको अपने शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने में समसà¥à¤¯à¤¾ आ रही है तो अकेले ही इसे à¤à¥‡à¤²à¤¤à¥€ न रहें। अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मदद मांगें। या डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कहें कि आपको किसी सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ या सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ सलाहकार (लैकà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨ सà¥à¤ªà¥‡à¤¶à¤²à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ) के पास à¤à¥‡à¤œ सकती हैं।
शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के लिठआपको थोड़े अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन सहारे, धैरà¥à¤¯ और समय के साथ यह काफी आसान हो जाà¤à¤—ा। à¤à¤• बार आपकी शिशॠने सही तरीके से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ शà¥à¤°à¥‚ कर दिया तो आप पाà¤à¤‚गी कि वह बेहद आसानी से और खà¥à¤¶à¥€-खà¥à¤¶à¥€ दूध पीà¤à¤—ा।
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